गर्माइश प्यार की (लघुकथा) – रणजोध सिंह

रणजोध सिंह – नालागढ़ अंजस जैसे ही कार्यालय से लौट कर घर में दाखिल हुआ उसकी नव नवेली पत्नी समिता ने मुस्कुरा कर स्वागत करते हुए कहा, “चाय तैयार है माँ जी के कमरे में आ जाओ।” दरअसल अंजस शाम की चाय अपनी माँ के साथ ही पीता था। जैसे ही वह अपनी माता जी … Continue reading गर्माइश प्यार की (लघुकथा) – रणजोध सिंह