यादें – कविता – डॉ. कमल के. प्यासा
डॉ. कमल के. प्यासा – मण्डी यादें याद आती हैं जाती नहीं, याद ही रह जाती हैं जिंदगी भर,,,,,,! यादें यादों में रह कर आती हैं सताती हैं, कमबख्त तरह तरह की फितरतें दिखा , खूब यादों की धूम मचाती हैं,,,,,,! यादें बिखरती हैं, बिखर के बिसरती हैं बालू के कण कण की … Continue reading यादें – कविता – डॉ. कमल के. प्यासा
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