एडजस्टमेंट, लघुकथा – रणजोध सिंह
रणजोध सिंह – नालागढ़ मृदुल को ठीक 10 बजे स्नेहा से मिलने जाना था| वैसे तो वह पढ़ा लिखा ऊँचे कद का सुन्दर नौजवान था और अपनी अपूर्व मेहनत के बल पर उच्च सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर चुका था| मगर आज भी उसकी पहली प्राथमिकता उसका परिवार था और इन पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा … Continue reading एडजस्टमेंट, लघुकथा – रणजोध सिंह
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed