चुनाव का दंगल (कविता) – डॉ. कमल के. प्यासा

डॉ. कमल के. प्यासा – मंडी बज रहे है, बजने लगे हैं भोंपू चुनाव के इस दंगल में,,,,!   रंग बिरंगे परचम पोस्टर उठाये बेकार हाथों ने जोर जोर से लगाते नारे घूमते गली कूचे बाजारों में !   बज रहे हैं, बजने लगे हैं भोंपू चुनाव के इस दंगल में,,,,!   खिल उठे हैं … Continue reading चुनाव का दंगल (कविता) – डॉ. कमल के. प्यासा