रणजोध सिंह – नालागढ़ मुझे जख्म देने वाले जाने पहचाने हैं फूल के दर्द से भक्त लोग अनजाने हैं| वो बीच बाजार रोंद देता है मासूम कलियों को हमें बना वीडियो अपने फर्ज निभाने हैं| झूठ चढ़कर छाती पर किस्मत लिख जाता है सच को पकड़े रहते हैं जो हम जैसे दीवाने हैं| … Continue reading ग़ज़ल – रणजोध सिंह
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