ग़ज़ल – रणजोध सिंह

Date:

Share post:

रणजोध सिंह – नालागढ़

मुझे जख्म देने वाले जाने पहचाने हैं

फूल के दर्द से भक्त लोग अनजाने हैं|

 

वो बीच बाजार रोंद देता है मासूम कलियों को

हमें बना वीडियो अपने फर्ज निभाने हैं|

 

झूठ चढ़कर छाती पर किस्मत लिख जाता है

सच को पकड़े रहते हैं जो हम जैसे दीवाने हैं|

 

मैं समझता रहा दोस्ती को नेमत खुदा की

साथ नहीं देते गर्दिश में जो

दोस्त सियाने हैं|

 

लोग क्या कहेंगे मत कर चिंता रणजोध

दोष नहीं उसको जिसके घर में दाने हैं।

वह हँसती क्यों है? – रणजोध सिंह

Sponsored

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

Related articles

चायल-कोटी कॉलेज में नए सत्र का आगाज: रुचिका बनीं CSCA अध्यक्ष

शासकीय महाविद्यालय चायल-कोटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय छात्र संघ (CSCA) का शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत...

Himachal Cabinet Greenlights Major Job Drive and Infrastructure Projects

The Himachal Pradesh State Cabinet, in a meeting chaired by Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu, approved...

विज्ञानमय भारत से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना : जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में आयोजित शिक्षा महाकुंभ में...

Mayo College Clinches All-India U-14 Football Crown at Bishop Cotton School

In a thrilling final clash hosted at Bishop Cotton School, Shimla, Mayo College, Ajmer emerged victorious to claim...