पति-परमेश्वर (कहानी) – रणजोध सिंह
रणजोध सिंह – नालागढ़ उस दिन होली का दिन था, महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक व विद्यार्थी मिलकर महाविद्यालय परिसर में रंगों से सरोवार थे| अचानक कुछ प्राध्यापकों को ख्याल आया कि इस त्यौहार के मोके पर सत्यव्रत शास्त्री जी तो उनकी टोली में है ही नहीं, सबने एक साथ निर्णय लिया कि उनके घर चला … Continue reading पति-परमेश्वर (कहानी) – रणजोध सिंह
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