बैलेंस फॉर बेटरमेंट थींम पर अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन ने मनाया अंतराष्ट्रीय महिला दिवस

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Women's Day Celebrations by Ambuja Cement Foundation

कीकली रिपोर्टर, 08 मार्च, 2019, शिमला

स्वयं सहायता समूहों की होनहार महिला शक्ति को किया सम्मानित

महिला सुरक्षा पर आधारित “डर के मत जीना, दब के मत जीना, अब बेख़ौफ़ आजाद रहना है मुझे” लघु नाटिका ने सबका मन मोह लिया

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के अंतर्गत “बैलेंस फॉर बेटरमेंट” थींम समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान फाउंडेशन द्वारा महिला सशक्तिकरण के उदेशय को सार्थक करते हुए स्वयं सहायता समूहों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली होनहार महिलाओं को सम्मान से नवाजा गया । इस अवसर पर यूनिट हेड धर्मपत्नी अर्चना अग्रवाल ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करते हुए दीप प्रज्वलन कर समारोह का आगाज कर महिला शक्ति की हौंसला अफ़जाई कर सभागार में उपस्थित महिलाओं को महिला दिवस का बधाई सन्देश दिया ।

Women's Day Celebrations by Ambuja Cement Foundationइस दौरान मुख्यातिथि ने सभागार में मौजूद महिला शक्ति को संबोधित करते हुए कहा की आज महिलाओं को अपनी सोच बदलने की दरकार है उन्होंने कहा की जब महिलाऐं अच्छे तरीके से अपना घर संभाल सकती हैं, अपने परिवार को जोड़े रखने के महत्वपुर्ण कार्य को अंजाम दे सकती हैं तो आज की नारी समाज और देश उत्थान में अपना सफल सहयोग दर्ज कराने का दम रखती हैं ।

अर्चना अग्रवाल ने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमें ऐसे देश में रहने का सौभाग्य प्राप्त है जहाँ की रक्षा मंत्री व् विदेश मंत्री के उच्च पदों पर महिलाऐं आसीन हैं उन्होंने कहा कि अम्बुजा सीमेंट एच आर हेड की बात हो या फिर ए सी एफ़ प्रमुख दोनों पदों पर महिलाऐं ही विराजमान हैं और ये सभी सम्माननीय अपनी जिम्मेवारी बहुत अच्छे से निभा रही हैं । उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई का देश के लिए दिया गया बलिदान कौन भुला सकता है ।

अर्चना ने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई पर आधारित फ़िल्म मणिकर्णिका में अभिनय व् निर्देशन को हिमाचल की बेटी कंगना रनोत द्वारा सफल अंजाम दिया गया, और यही हमारी महिला शक्ति है । उन्होंने कहा कि हर महिला में ये खूबी मौजूद है बस सोच बदलनी होगी । अग्रवाल ने कहा कि बेटी के जन्म पर माँ का दुःखी होना महिला विरोधी सोच है और इसे हमें ही उखाड़ फेंकना होगा ।

अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्रोग्राम मैनेजर भूपेंद्र गांधी ने महिला शक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में वैदिक काल से ही नारी सम्मान की हकदार रही है । हमारी बेटियों के जन्म पर हम उन्हें लक्ष्मी के नाम से संबोधित करते हैं । भूपेंद्र ने कहा कि हम सुखद और भाग्यशाली हैं कि हम हिमाचल जैसे राज्य में रहते हैं जहाँ महिलाओं को शिक्षा के साथ-साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दिए जाने वाला परिवेश विद्यमान है और इसी अच्छी सोच को आदर्श रुपी बनाकर हम अपने समाज व् पीढ़ी के साथ-साथ अपने बच्चों तक पहुंचा सकते हैं । भूपेंद्र ने कहा कि अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के अंतर्गत 45 पंचायतों में 450 से अधिक महिलाऐं स्वयं सहायता समूहों के रूप में महिला सशक्तिकरण की और प्रयासरत हैं ।

उन्होंने कहा कि फाउंडेशन अपने स्वयं सहायता समूहों के सहयोग व् प्रयासों के साथ बेहतर योजनाओं को अमलीजामा पहनाए जाने में सक्षम हुआ है । फेडरेशन बैंक जहाँ मुश्किल घड़ी में आर्थिक सहायता ऋण नाम मात्र दरों पर उपलब्ध करवाता है तो वहीँ अब बेटी पैदा होने पर उसी गाँव के स्वयं सहायता समूह पैसा एकत्र कर नवजात के नामकरण के दिन एक ऍफ़ डी अकाउंट खोलकर हमारी लक्ष्मी के भविष्य की सुरक्षित राहें खोलता है । भूपेंद्र गांधी ने कहा कि समाज में एक सकारात्मक सोच लेकर बढ़ना आवश्यक है । उन्होंने कहा पूर्व में समाज की पुरुष प्रधान बने रहने की सोच, महिला अत्याचार, नजरबंदी जैसी  घटिया सोच जैसे कारणों ने ही अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की सोच को जन्म दिया और आज सोच के दम पर ही कुछ हद तक इन कुरीतियों पर लगाम लगाने में सक्षम हो सके हैं ।

इस दौरान स्पेशल गेस्ट के रूप में समारोह में उपस्थित स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी डेप्युटी डायरेक्टर मीना ने महिलाओं को अपने सम्बोधन में कहा कि अम्बुज सीमेंट फाउंडेशन का यहाँ काम करना हमारी खुशनसीबी है । उन्होंने कहा कि महिला उत्थान कार्य की बात हो या आत्मविश्वास निखार, फाउंडेशन जैसा प्लेटफॉर्म मिलना मुश्किल है । उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न सुदृढ़ आर्थिक योजनाओं के लिए अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन की तारीफ़ कर आभार व्यक्त किया ।

Women's Day Celebrations by Ambuja Cement Foundationसमारोह में विशेष अतिथि के रूप में विद्यमान यूको बैंक दाड़लाघाट सिनियर मैनेजर इंदु ने महिलाओं को बैंक संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत करवाते हुए कहा कि सुधार का पहला पग घर से ही उठता है इसलिए हमें अपनी डब्बू सोच को बाहर निकाल फ़ेंक अपनी बेटियों को फाइटर बनाना होगा उन्हें सीमाओं में न बाँध बेटियों को पढ़ाना ही होगा ।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के कई क्षेत्रों में अभी भी महिलाओं में सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी है । बहुत सी महिलाओं को ए टी एम् संचालन तक की जानकारी नहीं है हमें बदलना होगा और इसके लिए सेल्फ ग्रुप महिलाओं को इस शिक्षा से अवगत करवाना होगा ।

इस विशेष अवसर पर दाड़ला घाट पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल पद पर कार्यरत कमला वर्मा ने महिलाओं को क़ानून प्रावधान, मौलिक अधिकार सहित घरेलु हिंसा पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए अंतराष्ट्रीय महिला दिवस को दीपावली की भाँती मनाए जाने की बात कही ।

समारोह में मौजूद महिला हस्तियों ने भी अपने विचार साझा किये व् खुद के आत्मविश्वास को बलवती किया । इस बीच अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन आई टी आई दाड़ला की छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक व् लघु नाटिका प्रस्तुतियाँ पेश कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया । बालमित्र सखियों द्वारा प्रस्तुत मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलमय स्वागतम् गीत व् एस इस जी द्वारा प्रस्तुत सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया गीतों से महिलाओं ने अपना कला गुण दर्शाया ।

स्वयं सहायता समूह नोणी द्वारा प्रस्तुत गिद्दा सायली रे जंगले चिकणी माटी व् साहेबा रिये बीबी ये ने खूब समां बाँधा तो वहीँ एस आर जे ग्रुप भराड़ी ने लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य पेश किया वहीँ सेल्फ ग्रुप द्वारा प्रस्तुत देश के जवानों को वंदन हमारा, हम सब करें आज अभिनन्दन तुम्हारा गीत ने देशभक्ति का वातावरण बना डाला ।

कार्यक्रम में अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा स्वयं सहायता समूहों में अपना बेहतर देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया । बेस्ट वूमेन ऍफ़ पी ओ अमृत धारा मिल्क प्रोड्यूसर्स के नाम रहा तो बेस्ट ई शक्ति वलंटीयर के लिए कोलका की सावित्री व् दाँवटी की उषा को सम्मानित किया गया । नोणी निवासी नीलम ठाकुर बेस्ट सखी जबकि बेस्ट बालमित्र के लिए सेरा की सुमन को सम्मान हासिल हुआ । इसी तरह बेस्ट पशु स्वास्थ्य सेविका शांता कूँन से जबकि बेस्ट एग्रीकल्चर के लिए कंसवाला की वीणा सम्मानित हुई। बेस्ट एस एच जी वलंटीयर नर्मदा संघोई से जबकि बेस्ट ए सी ऍफ़ आई टी आई ट्रेनी शबनम कुमारी सम्मानित हुई ।

इसी तरह बेस्ट एस एच जी सऱ्यांज क्लस्टर से नैना माता, एस एच जी रेहल बटेढ़ व् बेस्ट एस एच जी भराड़ी घाट क्लस्टर साई एस एच जी कूंद को नवाजा गया । धुन्दन क्लस्टर जालपा, एस एच जी पसल जेरी के अतिरिक्त माँगू क्लस्टर से मनसा माता व् एस एच जी बांझन सम्मानित हुए । इसी तरह चंडी क्लस्टर की माँ नैना व् एस एच जी नेरी, के साथ दाड़लाघाट क्लस्टर माँ नैना एस एच जी सेरा को सम्मान से नवाजा गया ।

इस दौरान पी आर आई माँगू ग्याना बी डी सी सदस्य नीलम रघुवंशी, ज्ञान पंचायत प्रधान मीरा भट्टी, शंघोई ग्राम पंचायत प्रधान अमरा देवी व् माँगू ग्राम पंचायत प्रधान रूप देइ को सम्मान से नवाज गया । समारोह में पुलवामा में शहीद हुए जांबाज सैनिको के सम्मान में दो मिनट का मौन रख भावभीनी श्रधांजलि दी गयी ।

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