हमीरपुर में ऐतिहासिक पहलों की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के पहले ‘साइंस कॉलेज’ की स्थापना की घोषणा की है। राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए उन्होंने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस संस्थान के लिए 80 कनाल भूमि चिन्हित कर ली गई है और शुरुआती 20 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी गई है। इसके साथ ही, उन्होंने जिले को शिक्षा राजधानी के रूप में और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक ‘एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय’ तथा 74 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत एम्स (AIIMS) स्तर के आयुर्वेदिक संस्थान की स्थापना का भी ऐलान किया।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 में प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 21वें स्थान पर था, जो वर्तमान सुधारों के चलते अब सुधरकर 5वें स्थान पर पहुँच गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वस्तरीय शिक्षा सुलभ कराने के उद्देश्य से राज्य में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जिससे नामांकन में 24,000 विद्यार्थियों की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, उन्होंने पारदर्शी और मेरिट-आधारित भर्तियों की प्रतिबद्धता दोहराई और स्वास्थ्य के क्षेत्र में 3-टेस्ला एमआरआई मशीनों की स्थापना तथा सब्सिडी आधारित रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का उल्लेख किया।
अंतरराज्यीय जल एवं विद्युत परियोजनाओं के विषय पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर राज्य सरकार के मजबूत रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप अब राज्य को बिना किसी वित्तीय निवेश के वार्षिक 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने यह शर्त भी रखी कि किशाऊ परियोजना पर समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर तभी किए जाएँगे, जब पड़ोसी राज्य भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के बकाए का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में शपथ-पत्र जमा करेंगे।
समारोह के दौरान उन्होंने प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित किया और अपने राजनीतिक सफर के अनुभवों को साझा करते हुए युवाओं को विफलताओं से सीख लेकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने भी शिरकत की और सरकार द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि रोबोटिक सर्जरी और सीबीएसई स्कूलों जैसी पहल से हिमाचल प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
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