पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा में पेश हुई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट ने सुक्खू सरकार के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के पीछे छिपे वित्तीय कुप्रबंधन और सत्ता-संरक्षित भ्रष्टाचार को बेनकाब कर दिया है। ऑनलाइन टेंडरिंग, सरकारी खरीद और टैक्स वसूली में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके कारण राज्य को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ा है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली में बड़ा घोटाला हुआ है, जहाँ विभागीय दफ्तरों के कंप्यूटरों और एक ही आईपी एड्रेस का इस्तेमाल करके गिने-चुने लोगों को टेंडर बांटे गए। उन्होंने सवाल उठाया कि विभागीय संसाधनों का इस्तेमाल कर बोली लगाने का यह खेल किसके संरक्षण और निर्देश पर चल रहा था। इसके अलावा, बिना बजट प्रावधान के 438 करोड़ रुपये खर्च किए गए और बिना किसी वास्तविक व्यय के 673 करोड़ रुपये की कागजी योजनाएं बना दी गईं, जो सरकार की वित्तीय नाकामी को दर्शाती हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की मनमानी नियुक्ति पर उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए रोक के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तानाशाही नीतियां और चहेतों को लाभ पहुंचाने का रवैया न्याय की कसौटी पर फेल साबित हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को संविधान के दायरे में रहकर काम करने की सलाह दी। इस बीच, जन्माष्टमी के अवसर पर जयराम ठाकुर ने शिमला के गंज बाजार स्थित श्री कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।


