हिमाचल प्रदेश के पूर्व बागवानी निदेशक डॉ. के. सी. आज़ाद के प्रेरणादायी जीवन और उनके दूरदर्शी योगदान पर आधारित जीवनी ‘डॉ. के. सी. आज़ाद – एन आर्किटेक्ट ऑफ एबंडेंस’ का औपचारिक विमोचन राज्य के माननीय राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता द्वारा किया गया। यह पुस्तक हिमाचल प्रदेश को देश के अग्रणी बागवानी राज्य के रूप में स्थापित करने और क्षेत्र में ‘सेब की दूसरी क्रांति’ लाने में डॉ. आज़ाद की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है।
डॉ. वंदना वर्मा आज़ाद द्वारा लिखित और इंडीप्रेhiomस द्वारा प्रकाशित यह जीवनी वर्ष 1961 से लेकर 1993 और उसके बाद तक के सेब उद्योग के स्वर्णिम व चुनौतीपूर्ण सफर को बयां करती है। पुस्तक में डॉ. आज़ाद के संघर्षपूर्ण शुरुआती जीवन से लेकर वर्ष 1982–83 में सेब की फसल को तबाह करने वाले भयंकर स्कैब रोग के संकट से निपटने तक के उनके अटूट संकल्प को बखूबी दर्शाया गया है।
गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री को किसान और बागवान की वास्तविक समृद्धि की कुंजी मानने वाले डॉ. आज़ाद ने सघन बागवानी (हाई-डेंसिटी प्लांटेशन) तथा पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की नींव रखी। उनके इन प्रगतिशील प्रयासों ने न केवल पारंपरिक कृषि को एक आधुनिक उद्योग में बदला, बल्कि राज्य के लाखों लोगों की आजीविका को भी सुदृढ़ किया। दुर्लभ तस्वीरों और संस्मरणों से सजी यह पुस्तक अब अमेज़न पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।
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