मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी (एआईएमएसएस) चमियाणा में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (विशेषज्ञ विभाग) स्थापित करने के प्रस्ताव की समीक्षा हेतु एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर ही जटिल, दुर्लभ और गंभीर बीमारियों के लिए उच्च स्तरीय बहु-विषयक उपचार सुविधाएं, अत्याधुनिक तकनीक और लक्षित चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देना है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए हिमाचल से बाहर न जाना पड़े।
अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक के कुलपति डॉ. डी. के. वर्मा की अध्यक्षता में गठित यह समिति प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में ऐसे 2 से 4 विभागों की पहचान करेगी, जिनमें ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनने की क्षमता है। समिति में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा, एआईएमएसएस चमियाणा के प्रधानाचार्य डॉ. बृज शर्मा, आईजीएमसी के प्रोफेसर डॉ. बलबीर वर्मा और डॉ. पुनीत महाजन सदस्य के रूप में शामिल हैं, जबकि नेरचौक मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक सदस्य सचिव होंगे।
विशेषज्ञ समिति दो सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें बुनियादी ढांचे के उन्नयन, आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ जनशक्ति और आवश्यक बजट का आकलन किया जाएगा। समिति की सिफारिशों के आधार पर हिमाचल प्रदेश में सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा।


