पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला बताया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता प्रतिभा आधारित व्यवस्था की नींव है। पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती अभ्यर्थियों के विश्वास को प्रभावित करती हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि संशोधित कानून से पेपर लीक और नकल माफिया पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों में दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की सजा, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट जैसी व्यवस्थाएं परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाएंगी। इससे ईमानदारी से तैयारी करने वाले युवाओं का भरोसा बढ़ेगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय सकारात्मक चर्चा और सुझावों के माध्यम से व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समाधान संवाद और विधायी प्रक्रिया से निकलते हैं, न कि अराजकता और भ्रम फैलाने से।
जयराम ठाकुर ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार का यह कदम देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने में सहायक होगा। जयराम ठाकुर ने लाहौल में कडू नाला के पास पहाड़ी दरकने से कुल्लू-पांगी जा रही टैक्सी के मलबे में दबने की घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।



