पंचायतीराज चुनावों के चलते किन्नौर के रारंग और रिब्बा गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सतलुज नदी के आर-पार बसे इन गांवों में पंचायत चुनावों ने माहौल को पूरी तरह चुनावी रंग में रंग दिया है।
रिब्बा पंचायत में प्रतिनिधियों का चयन भले ही निर्विरोध हुआ हो, लेकिन पंचायत समिति सदस्य पद को लेकर मुकाबला रोचक बन गया है। पूर्व बीडीसी सदस्य और कांग्रेस समर्थित प्रतिभा दुग्गल ने एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरकर दावेदारी मजबूत कर दी है। पिछली बार भी वह इसी पद पर जीत दर्ज कर चुकी हैं। महिला आरक्षित पंचायत समिति अध्यक्ष पद को देखते हुए उनकी जीत की स्थिति में अध्यक्ष बनने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। नामांकन के दौरान निर्विरोध प्रधान चुनी गई राधिका चारस ने भी उनके समर्थन में माहौल बनाया।
वहीं रारंग पंचायत में प्रधान पद पर सीधा मुकाबला कांग्रेस समर्थित प्रताप भगति और भाजपा समर्थित पूर्व प्रधान राज लक्ष्मी के बीच माना जा रहा है। राज लक्ष्मी पहले भी पंचायत का नेतृत्व कर चुकी हैं, जिससे चुनाव और दिलचस्प हो गया है।
उप प्रधान पद के लिए भी मुकाबला कड़ा नजर आ रहा है। पूर्व उप प्रधान चंद्र भगत नेगी, करजंग निमा, युवा प्रत्याशी गुमान आखरास और यौवन नेगी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। गांव में बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के साथ चुनावी सरगर्मियां लगातार बढ़ रही हैं।
प्रतिभा दुग्गल ने अपने पिछले कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि पंचायत घर में लाइब्रेरी, जिम, लोकमित्र केंद्र, ग्राम सभा हॉल और म्यूजिक स्टूडियो जैसी सुविधाएं विकसित की गईं। इसके अलावा गांव के प्रवेश द्वार, सामुदायिक शौचालय, स्कूल भवन मरम्मत, ग्राउंड फेंसिंग, सड़क सुरक्षा दीवारों और पानी की बावड़ियों का निर्माण भी कराया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में सीवरेज सिस्टम, खेल मैदान, ठोस कचरा प्रबंधन, पार्किंग और ईको-टूरिज्म जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।



