हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को हाई-टेक और मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। शिमला स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज (AIMSS), चमियाना में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सहायक कर्मचारियों के दर्जनों नए पदों के सृजन और पुनर्गठन को हरी झंडी दे दी गई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इस फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के बड़े अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करना है, ताकि मरीजों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर-स्पेशलिटी इलाज मिल सके और मेडिकल शिक्षा व टीचिंग सुविधाओं को भी नया आयाम दिया जा सके।
अस्पताल में क्रिटिकल केयर से लेकर रेडियोलॉजी तक कई अहम विभागों को मजबूत करने के लिए IGMC शिमला और AIMSS चमियाना के स्वीकृत पदों को री-डिस्ट्रीब्यूट करने के साथ-साथ नए पदों को मंजूरी दी गई है। इसके तहत क्रिटिकल केयर मेडिसिन और एनेस्थीसिया विभाग में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट्स के कई पद शामिल हैं। साथ ही, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (GI सर्जरी) और रेडियो-डायग्नोसिस/रेडियोलॉजी विभाग में भी फैकल्टी व सीनियर रेजिडेंट्स की भारी तैनाती होगी। इनके अलावा डाइटिशियन, मुख्य फार्मासिस्ट और CSSD सुपरवाइजर जैसे महत्वपूर्ण पदों को भी स्वीकृति दी गई है।
अस्पताल की दैनिक व्यवस्थाओं, स्वच्छता और मरीजों की देखभाल को सुचारू रूप से चलाने के लिए बड़े पैमाने पर सपोर्ट स्टाफ की तैनाती की जाएगी। इसमें 50 सुरक्षाकर्मी, 50 सफाई कर्मचारी और 50 वार्ड अटेंडेंट शामिल हैं। इसके अलावा पैथोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी और ब्लड बैंक विभागों में 5-5 लैब टेक्नीशियन नियुक्त किए जाएंगे। मरीजों का मार्गदर्शन करने के लिए 4 आरोग्य मित्र, 2 फिजियोथेरेपिस्ट, 3 ड्राइवर और 1 JOA (IT) का पद भी मंजूर हुआ है। साथ ही कर्मचारियों और मरीजों के आवागमन को आसान बनाने के लिए 2 बसें किराए पर लेने का भी फैसला किया गया है।
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