लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की उपस्थिति में लोक निर्माण विभाग (PWD) और सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) के बीच 382 मेगावाट की सुन्नी डैम हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन योजना के तहत 72.82 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता PWD की ओर से अधीक्षण अभियंता दीपक राज चौहान और SJVNL की ओर से कार्यकारी निदेशक विकास शर्मा द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और क्षेत्रीय विकास को तेजी से आगे बढ़ाना है।
इस समझौते के अंतर्गत खैर से ओगली तक MDR-22 सड़क के उन्नयन और चौड़ीकरण के साथ-साथ ओगली-परलोग के पास सतलज नदी पर 152 मीटर लंबे स्पैन वाले पुल का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी। इस दौरान लोक निर्माण मंत्री ने SJVNL और जल शक्ति सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की, जिसमें उन्होंने विभागों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाते हुए सभी विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने के कड़े निर्देश दिए।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने और नागरिकों को उच्च कोटि की सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है, विशेष रूप से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में इन विकास कार्यों से एक नया आयाम जुड़ेगा। उन्होंने अंत में यह भी दोहराया कि सरकार सड़क संपर्क, पेयजल और सिंचाई जैसी आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ कर परियोजना से प्रभावित होने वाले प्रत्येक क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर को लगातार बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
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