Tag: आभास

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पिता : डॉक्टर जय महलवाल द्वारा रचित एक कविता

मां अगर घर की ईंट है,तो पिता समझो पूरा मकान है।मां अगर संस्कार देने वाली है,तो पिता गुणों की खान है।मां अगर अगर करती...

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