हिमाचल प्रदेश को तम्बाकू मुक्त बनाने और युवा पीढ़ी को इस घातक लत से बचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्यभर में 60 दिवसीय ‘तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 4.0’ का प्रभावी संचालन शुरू हो गया है, जिसके तहत शिक्षण संस्थानों से लेकर गांवों और सार्वजनिक स्थलों तक सख्ती और जागरूकता का दौर एक साथ चलेगा। इस राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्चुअल माध्यम से सभी एसडीएम, बीडीओ और शहरी निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर रखने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करेंगे और इसके लिए अधिकारियों का एक कड़ा रोस्टर तैयार किया जाएगा ताकि हर दिन कोई न कोई विशेष गतिविधि जरूर हो। पिछले संस्करण ‘तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0’ में 96 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर देश के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहे हिमाचल के लिए यह नया अभियान एक और कीर्तिमान रचने का अवसर है। अभियान के तहत न केवल स्कूलों और कॉलेजों को तम्बाकू मुक्त (ToFEI) बनाया जाएगा, बल्कि संस्थानों के 100 गज के दायरे में अवैध बिक्री पर शिकंजा कसने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड ताबड़तोड़ निरीक्षण करेंगे। साथ ही, गांवों को तम्बाकू मुक्त करने में ग्राम सभाओं, महिला मंडलों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और जो भी अधिकारी या संस्थान बेहतर कार्य करेगा, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा और खेलकूद दोनों जरूरी: अनिरुद्ध सिंह


