विश्व श्वेत छड़ी दिवस (व्हाइट केन डे) के अवसर पर उमंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक विशेष ऑनलाइन कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कॉरपोरेट रणनीतिकार दिव्या शर्मा ने कहा कि दृष्टिबाधित युवाओं के आगे बढ़ने का रास्ता आधुनिक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी से होकर गुजरता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा वर्ष 2023 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित दिव्या शर्मा ने अपने जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि बचपन में जागरूकता की कमी के कारण उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था, लेकिन उन्होंने पत्राचार से उच्च शिक्षा प्राप्त कर कॉर्पोरेट जगत में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंप्यूटर और टॉकिंग सॉफ्टवेयर के बिना यह मुकाम हासिल करना असंभव था। उन्होंने जोर दिया कि दृष्टिबाधित लोगों को समाज में दया की नहीं, बल्कि समान अधिकारों और तकनीक की आवश्यकता है। भारतीय चुनाव आयोग की ब्रांड एंबेसडर डॉ. मुस्कान नेगी की अध्यक्षता और अभिषेक भागड़ा के संचालन में आयोजित इस सत्र में चंबा की रुखसार शेख, डॉ. मुकेश कुमार, विपाशा श्रीवास्तव और प्रतिभा ठाकुर सहित कई युवाओं ने कंप्यूटर प्रशिक्षण, सफेद छड़ी के महत्व और शोध पर अपने विचार रखे।
उमंग फाउंडेशन के कार्यक्रम में उठी दृष्टिबाधितों के अधिकारों की आवाज
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