बचत भवन शिमला में आयोजित जिला योजना विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति की बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की विभागीय उपलब्धियों और बजट उपयोग की विस्तृत समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को लंबित विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध सीमा में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कुछ विभागों के ढीले रवैये पर असंतोष व्यक्त करते हुए विभागों में बेहतर समन्वय और पारदर्शिता लाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए समिति सदस्यों को ई-मेल के माध्यम से सीधे विभागों से जानकारी और सवाल प्राप्त करने की सुविधा देने की बात कही।
बैठक में अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। मंत्री ने बताया कि शिमला के आसपास एक आधुनिक ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित करने के लिए भूमि की तलाश की जा रही है, जिसके लिए उन्होंने पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, डुम्मी पंचायत में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया जा रहा है। वनीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिसके तहत शिमला और रामपुर वन मंडलों के माध्यम से जिला में पौधरोपण की संख्या बढ़कर 2,53,637 तक पहुंच गई है।
ग्रामीण आजीविका, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि मनरेगा के अंतर्गत 21.58 लाख मानव-दिवस रोजगार का सृजन कर 15,588 परिवारों को जॉब कार्ड जारी किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 2,675 आवासों में से 2,643 लाभार्थियों को पहली किश्त जारी कर दी गई है। वहीं, जिला योजना के तहत 2024-25 में स्वीकृत 627 विकास कार्यों में से 494 कार्य 21.46 करोड़ रुपये व्यय कर पूरे किए जा चुके हैं। बैठक के समापन पर उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्धारित लक्ष्यों की नियमित निगरानी करने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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