हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान और ड्रग मनी से अर्जित लगभग ₹4.13 करोड़ की संपत्तियों को जब्त करने की प्रभावी कार्रवाई की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी या अवैध पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इस काले कारोबार को संरक्षण देने वाले वित्तीय ढांचे और आर्थिक तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त करना बेहद जरूरी है। उन्होंने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत शिमला पुलिस द्वारा की गई गहन वित्तीय जांच और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
कार्रवाई के आंकड़ों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में शिमला पुलिस अब तक 15 एनडीपीएस मामलों में शामिल 68 आरोपियों और उनके सहयोगियों से ₹12.52 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्तियों को सीज कर चुकी है। पुलिस द्वारा तस्करों के आर्थिक आधार पर किया गया यह सीधा प्रहार राज्य में नशे के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
ड्रग माफिया के खिलाफ राज्य सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाई है। सरकार पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों को तस्करों तथा उनके वित्तीय नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करने के लिए हर संभव प्रशासनिक और तकनीकी सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि वे अवैध नशीली दवाओं के व्यापार की आर्थिक नींव को पूरी तरह खत्म करने के लिए इसी तरह लक्षित और प्रभावी कार्रवाई जारी रखें।


