पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा है कि उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपनी बिखरती पार्टी और सरकार पर ध्यान देना चाहिए। शिमला से जारी एक तीखे बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘लोन प्रिय’ करार देते हुए कहा कि आज पूरे प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और जनता त्रस्त है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार जनहितैषी कल्याणकारी राज्य चलाने के बजाय केवल ‘शुल्क की सरकार’ बनकर रह गई है। मंत्रिमंडल को एकजुट रखने में असफल रहने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री के साथ चंद लोग ही खड़े हैं और शासन चलाने के लिए मंत्रिमंडल की जगह ‘मित्रमंडल’ चलाया जा रहा है। उन्होंने चुनौती दी कि भाजपा के गुट गिनाने से बेहतर होता यदि मुख्यमंत्री अपनी सरकार के चार साल के चार ठोस काम जनता के सामने रखते।
केंद्र सरकार की ‘उड़ान योजना’ का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस योजना में सबसे बड़ा वित्तीय योगदान केंद्र सरकार का होता है, जिसमें वायबिलिटी गैप फंडिंग का प्रमुख हिस्सा केंद्र द्वारा वहन किया जाता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री राजनीतिक पूर्वाग्रह के चलते केंद्र सरकार का आभार जताना तो दूर, उसका नाम लेने से भी कतराते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में जो भी कार्य हो रहे हैं, वे सब केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद के बल पर ही चल रहे हैं।


