ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने जुन्गा मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय दशहरा महोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अपनी एक विशिष्ट संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराएं हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संवर्धित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्तमान प्रदेश सरकार मेलों और त्योहारों के जरिए हमारी समृद्ध संस्कृति को संजोए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जुन्गा का यह पारंपरिक महोत्सव न सिर्फ असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को भी मजबूत करता है।
क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं घर-द्वार पर ही उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को इलाज के लिए शिमला के चक्कर न काटने पड़ें। वर्ष 2026 में जुन्गा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड बैंक, आधुनिक उपकरणों से लैस ओपीडी और पब्लिक हेल्थ यूनिट शुरू करने के साथ-साथ लिफ्ट की समस्या का भी स्थायी समाधान कर दिया गया है। इसके अलावा, अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है ताकि तकनीकी कमियों को जल्द दूर किया जा सके। सरकार पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, आईजीएमसी शिमला, टांडा और हमीरपुर जैसे संस्थानों में भी आधुनिक तकनीक और उच्च स्तरीय उपचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है।
जुन्गा क्षेत्र के विकास को गति देते हुए मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और आश्वासन दिए। जुन्गा क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग पर उन्होंने आश्वस्त किया कि स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा जमीन उपलब्ध होते ही यहां जल्द ही एक अग्निशमन उप केंद्र खोल दिया जाएगा। साथ ही, आगामी सत्र से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुन्गा को सी.बी.एस.ई (CBSE) बोर्ड के अधीन कर दिया जाएगा, जिससे यहां के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा का बेहतर लाभ मिल सकेगा।


