वर्ष 2026 की गणतंत्र दिवस परेड के लिए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश के 17 राज्यों की झांकियों का चयन किया गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश की झांकी को भी सम्मिलित किया गया है। हिमाचल प्रदेश की झांकी “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” की थीम पर आधारित होगी और इसे कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की झांकी “वीरों की भूमि” की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें प्रदेश के सैनिकों की वीरता, बलिदान और देशभक्ति की गौरवशाली परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। झांकी के माध्यम से मातृभूमि के प्रति समर्पण, त्याग और राष्ट्र प्रेम की भावना को वंदे मातरम् के संदेश के साथ प्रभावशाली ढंग से दर्शाया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश ने अब तक देश को 1203 वीरता पुरस्कार विजेता दिए हैं, जिनमें चार परमवीर चक्र, दो अशोक चक्र और दस महावीर चक्र शामिल हैं। यह प्रदेश के रणबांकुरों के अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण का अनुपम प्रमाण है। झांकी उन वीर पुत्रों और पुत्रियों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पर्वतीय प्रदेश की आत्मा को अपने भीतर समाहित कर अद्वितीय पराक्रम और बलिदान से राष्ट्र की पुकार का उत्तर दिया।
यह झांकी हिमाचल प्रदेश की उस परंपरा का प्रतीक है, जो केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के जनमानस का स्वभाव और रग-रग में प्रवाहित होती देशभक्ति की भावना है। भारत की सेनाओं को सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्यों में अग्रणी हिमाचल प्रदेश का यह गौरव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
माननीय उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री, भाषा एवं संस्कृति विभाग मुकेश अग्निहोत्री के दिशा-निर्देशों तथा सचिव, भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार राकेश कंवर के मार्गदर्शन में इस झांकी का चयन संभव हो पाया है। झांकी के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है और इसे संभवतः 24 जनवरी, 2026 तक रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को सौंप दिया जाएगा, ताकि इसे कर्तव्य पथ पर परेड में शामिल किया जा सके।


