राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत आज राजीव गांधी गवर्नमेंट कॉलेज, कोटशेरा में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला शिमला डॉ. यशपाल रांटा के दिशा-निर्देश में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर डॉ. रांटा ने कहा कि आंखें शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं और आज के डिजिटल युग में, जब अधिकांश कार्य मोबाइल और लैपटॉप पर निर्भर हैं, उनकी देखभाल और भी आवश्यक हो गई है। उन्होंने युवाओं से नेत्रदान जैसे सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक होने और अन्य को भी प्रेरित करने की अपील की।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजिल शर्मा ने नेत्रदान की प्रक्रिया, आवश्यकता और सामाजिक महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वयं आगे आकर इस नेक कार्य को अपनाएं और अपने परिवार व समुदाय को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को नेत्रदान की शपथ भी दिलाई गई।
इस जागरूकता शिविर में 170 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रील मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। विजेताओं और प्रतिभागियों को कॉलेज प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जिला शिमला की ओर से पुरस्कार वितरित किए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रांटा ने आगे बताया कि जिले के सभी खंडों में नेत्रदान पखवाड़े के तहत विविध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ सकें और जरूरतमंदों को रोशनी मिल सके।
इसके अतिरिक्त, आज एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत टैक्सी चालकों को बिन बैग वितरित किए गए, जिन पर HIV/एड्स जागरूकता संबंधी जानकारी अंकित है। इस पहल का उद्देश्य टैक्सी चालकों के माध्यम से आम जनता और यात्रियों में HIV/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना है।



