मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे भारी बारिश से प्रभावित जिलों में आपदा राहत कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंबा ज़िले में सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं और ज़िला प्रशासन 24×7 स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्वयं भरमौर में तैनात हैं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। चंबा शहर में इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाल कर दी गई है और भरमौर में भी शीघ्र बहाली की संभावना है।
मुख्य सचिव ने बताया कि चंबा-भरमौर मार्ग पर बग्गा और दुर्गट्टी के बीच भूस्खलन के कारण करीब 10,000 लोग चंबा शहर में फंस गए थे, जिनमें से लगभग 7,000 लोग अब सुरक्षित रूप से अपने घर लौट चुके हैं। वहीं, करीब 3,000 तीर्थयात्री भरमौर में रुके हुए हैं, जिनकी सुरक्षा, भोजन और आवास की पूर्ण व्यवस्था की गई है। ज़रूरत पड़ने पर हवाई मार्ग से राशन और आवश्यक सामग्री भेजने की भी तैयारी की गई है।
उन्होंने स्थानीय प्रशासन को चंबा में फंसे लोगों को उनके मूल स्थानों पर वापसी के लिए प्रेरित करने को कहा, क्योंकि मार्गों की बहाली में अभी समय लग सकता है।
मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह राहत कार्यों की समीक्षा के लिए चंबा पहुंच रहे हैं। मंडलायुक्त कांगड़ा और दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी तत्काल चंबा के लिए रवाना कर दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुलिस, लोक निर्माण, विद्युत बोर्ड, शिक्षा और दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चंबा और भरमौर में आवश्यक अमले की तैनाती कर राहत कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाएं।
मुख्य सचिव ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू ज़िलों में भी स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि लाहौल में जिओ नेटवर्क के माध्यम से आंशिक इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है और थिरोट का विद्युत उपकेंद्र अब सुचारू रूप से कार्य कर रहा है।
समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।