सहकारिता ग्रामीण विकास की रीढ़: उप-मुख्यमंत्री

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हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन 2025 का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सहकारिता के पुनर्जागरण का उत्सव है। उन्होंने इसे हिमाचल में जमीनी स्तर पर जनांदोलन का रूप लेने वाली सहकारी भावना का प्रतीक बताया।

उद्घाटन के अवसर पर को-ऑपरेटिव फेयर और फिनटेक कोऑपरेटिव प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ। उप-मुख्यमंत्री ने सहकारिता को भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि तकनीकी नवाचार इसे और अधिक सशक्त बनाएंगे।

उप-मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश सहकारिता का अग्रदूत रहा है, जहां साल 1892 में पंजावर में पहली सहकारी समिति गठित हुई थी। उन्होंने मियां हीरा सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके सम्मान में सहकारी क्षेत्र से संबंधित एक संस्थान की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5544 सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें 2287 कृषि सहकारी समितियां और 10 सहकारी बैंक किसानों और ग्रामीणों की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश की सहकारी बैंकों में 60 हजार करोड़ रुपये की पूंजी जमा है।

उन्होंने बताया कि हिमाचल में कांगड़ा, जोगिन्द्रा, और अन्य को-ऑपरेटिव बैंकों का नेटवर्क मजबूत हो रहा है और राज्य सरकार इनकी कार्यप्रणाली को पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कुल्लू की प्रसिद्ध शॉल और टोपी को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है, और हरोली में हिमकैप कोऑपरेटिव के माध्यम से हिमकैप इंस्टिट्यूट स्थापित किया गया है, जो युवाओं को कौशल प्रदान कर रहा है।

महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊना जिले की 5000 महिलाओं द्वारा गठित स्वां वुमेन फेडरेशन अब तक ₹25 करोड़ की आर्थिक गतिविधियों तक पहुँच चुकी है। यह सहकारिता में महिलाओं की सफलता का आदर्श उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं डिजिटल पेमेंट और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं और यह सम्मेलन भारत में सहकारिता की यात्रा का एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

सम्मेलन के दौरान देशभर से आई सहकारी संस्थाओं ने अपनी उपलब्धियों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। एचपीएससीबी अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया और सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।

इस अवसर पर इफको अध्यक्ष दिलीप संघानी, राष्ट्रीय राज्य सहकारिता बैंक महासंघ के अध्यक्ष कोंडुरु रविंदर राव, रजिस्ट्रार डीसी नेगी, हिमफैड अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

CM Seeks Special NABARD Norms for Hill States

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