उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि 23 नवंबर 2025 को शिमला शहर के स्कूलों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में स्कूल के सिक्योरिटी गार्ड और ट्रैफिक इंचार्ज को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने स्कूलों में छात्रों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकें।
उपायुक्त ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिमला का मुख्यालय होने के कारण यह जिला सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विशेष परिस्थितियों वाला है। कई स्कूल मुख्य मार्ग पर स्थित हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। कार्यशाला में सिक्योरिटी गार्ड और ट्रैफिक इंचार्ज को सड़क सुरक्षा से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी, जिसे वे छात्रों के साथ साझा करेंगे। आने वाले समय में उपमंडल स्तर पर भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
उपायुक्त ने जिला के होटल, होम स्टे और बीएनबी एसोसिएशन से भी पर्यटन सीजन के दौरान सड़क सुरक्षा में सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को सही मार्ग और समय पर यात्रा करने के सुझाव दिए जाएँ ताकि किसी असुविधा या दुर्घटना से बचा जा सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि गलत पार्किंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। उपायकुक्त ने लोगों से वाहन निर्धारित स्थान पर पार्क करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की। उन्होंने युवाओं से कहा कि सड़क पर नियंत्रित गति बनाए रखें, लंबी दूरी तय करते समय बीच-बीच में आराम करें, और यातायात नियमों का पालन करें।
सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम के 6 डिपो को 60,000 रुपए जारी किए गए हैं। इनमें स्थानीय और ग्रामीण डिपो, तारा देवी, नेरवा, रोहड़ू और मंडल कार्यशाला तारा देवी शामिल हैं।
इसके अलावा, 21 नवंबर को शिमला में जागरूकता बाइक रैली और सड़क सुरक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाएगा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने सभी विभागों से बेहतर सुझाव देने का आग्रह किया और बताया कि वाहन पासिंग के दौरान भी लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार सामग्री वितरित की जा रही है।
Data Integration Vital for Better Policy Decisions: Chief Secretary



