उपायुक्त अनुपम कश्यप ने आज कुमारसैन उपमंडल के पटवारियों के साथ बैठक कर राजस्व कार्यों में शीघ्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटवारी अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाएं और जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराएं।
उन्होंने गुड गवर्नेंस इंडेक्स में जिला शिमला की निचली रैंकिंग पर चिंता जताते हुए कहा कि सभी विभाग, विशेषकर राजस्व तंत्र, अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पटवारियों को अपने पटवार सर्कल से अनावश्यक अनुपस्थित नहीं होना चाहिए, क्योंकि कई स्थानों पर अनुपस्थिति की शिकायतें मिलती रहती हैं।
उपायुक्त ने नशे के खिलाफ “चिट्टा मुक्त हिमाचल” अभियान को सफल बनाने में राजस्व फील्ड स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर संवेदनशील सूचनाएं साझा करें।
कश्यप ने कहा कि 21 पटवार सर्कलों को अपग्रेड किया जाएगा और इसके लिए तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ज्वलंत मुद्दों की सूचना पटवारी तुरंत तहसीलदार को भेजें, जिसे बाद में उपायुक्त कार्यालय के साथ साझा किया जाएगा। एसडीएम को भी अपने क्षेत्र के महत्वपूर्ण मामलों की सीधी रिपोर्ट देनी होगी, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कुमारसैन पटवार सर्कल के 12 अनिवार्य रजिस्टरों का औचक निरीक्षण किया। जांच में कई वर्षों से एंट्री न मिलने और निरीक्षण रिकॉर्ड गायब होने की बात सामने आई। उन्होंने कहा कि बिना रजिस्टरों में अपडेट किए कोई भी कार्य स्वीकार्य नहीं होगा। सभी पटवारियों को पूर्ण और समय पर एंट्री सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।
उन्होंने गरीब भूमि मालिकों के हितों की रक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। विशेष आपदा राहत पैकेज-2023 के मामलों में भी तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम मुकेश, जिला राजस्व अधिकारी सुमेध शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद उपायुक्त ने ग्रामीण राजस्व कार्यालय का निरीक्षण कर रिकॉर्ड की स्थिति पर संतोष जताया और बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए।
इसके बाद वे राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक पाठशाला मतियाना भी पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों से पढ़ाई, अनुशासन और नशा मुक्ति को लेकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक रहने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी शिक्षकों को देने और शिक्षा व खेलों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उपायुक्त ने छात्रों को नशा विरोधी शपथ भी दिलवाई।
स्कूल में स्टाफ की उपस्थिति और छुट्टी रजिस्टर की जांच की गई, जो सही पाया गया।
उपायुक्त ने नारकंडा पुलिस चौकी का निरीक्षण कर भवन के पीछे धंसे डंगे से उत्पन्न खतरे की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।



