पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए उसे हर मोर्चे पर विफल, दिशाहीन और अंतर्विरोधों से ग्रस्त बताया। उन्होंने कहा कि सरकार में मंत्रियों के बीच समन्वय का घोर अभाव है और सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के बयानों को काटना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस नेतृत्व आपसी राजनीति में उलझा हुआ है।
अपने आधिकारिक आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि जिन मुद्दों को आज सरकार के मंत्री उठा रहे हैं, उन्हें विपक्ष पहले ही उठा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि संदेहास्पद निष्ठा वाले अधिकारियों को सरकार की कमान सौंप दी गई है, जबकि इन्हीं अधिकारियों पर मुख्यमंत्री स्वयं विपक्ष में रहते हुए सवाल उठा चुके थे। उन्होंने कहा कि सरकार और सिस्टम का हर व्यक्ति केवल हिमाचल के विकास के लिए समर्पित होना चाहिए, न कि आपसी खींचतान में।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता विकास की राह देख रही है, जबकि सरकार के प्रतिनिधि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में समय गंवा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में कांग्रेस ने हिमाचल को कर्ज के बोझ तले दबा दिया है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप पड़े हैं।
हरिपुरधार बस हादसे और अर्की सिलेंडर ब्लास्ट पर दुख व्यक्त करते हुए जयराम ठाकुर ने इन्हें सरकारी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि हरिपुरधार हादसे से पहले ओवरलोडिंग और खराब सड़क की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ा। अर्की घटना पर उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की विफलता और प्रशासनिक तैयारियों की कमी ने स्थिति को भयावह बना दिया। मुख्यमंत्री के रवैये को उन्होंने संवेदनहीन बताते हुए कहा कि सरकार केवल औपचारिक बयानबाजी तक सीमित रह गई है।
इससे पहले, जयराम ठाकुर ने शिमला स्थित अपने आधिकारिक आवास ग्रांट लॉज-12 में लोहड़ी पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया। कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। उन्होंने प्रदेशवासियों को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, परिश्रम और सामूहिकता का प्रतीक है तथा हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने का माध्यम है। उन्होंने हिमाचलवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


