ठाकुर ने बजट को बताया ‘दिशाहीन और नीरस’

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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के 2026–27 के बजट को प्रदेश के इतिहास का “सबसे नीरस और दिशाहीन” बजट करार दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सुक्खू सरकार पर लगातार राजकोषीय घाटा बढ़ाने और पूंजीगत निवेश घटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में असफल रहा है।

ठाकुर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023–24 से 2025–26 के बीच राजकोषीय घाटा ₹10,300 करोड़ से ₹9,896 करोड़ तक बढ़ गया है, जबकि पूंजीगत निवेश ₹6,781 करोड़ से घटकर ₹3,089 करोड़ रह गया। उन्होंने बताया कि 2026–27 का बजट ₹54,928 करोड़ है, जो पिछले वर्ष के बजट से ₹3,586 करोड़ कम है, यानी 6.13% की कमी। यह राशि सरकार के पहले ₹53,412 करोड़ के बजट के लगभग बराबर है, जिससे विकास की गति ठप पड़ने का संकेत मिलता है।

ठाकुर ने सरकार की वित्तीय नीतियों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा रही है, जबकि विकास योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुँच पा रहा। उन्होंने कन्यादान योजना, शगुन योजना, महिला सम्मान निधि और ऑर्गेनिक फार्मिंग योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि इनमें केवल अलॉट किए गए बजट का छोटा हिस्सा ही खर्च हुआ और बहुत कम लाभार्थियों तक ही मदद पहुंची।

“यह बजट पूरी तरह से दिशाहीन है और हिमाचल प्रदेश की वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज करता है। अपने 29 साल के राजनीतिक अनुभव में मैंने कभी ऐसा बजट नहीं देखा,” ठाकुर ने कहा।

बजट पेश होने से ठीक पहले भाजपा विधायक दल ने जयराम ठाकुर के नेतृत्व में एंट्री टैक्स में हालिया वृद्धि के खिलाफ विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह कर वृद्धि आम जनता और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालती है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

ठाकुर ने कहा कि कमर्शियल वाहनों पर बढ़े इस कर से माल ढुलाई और परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे पड़ोसी राज्यों, खासकर पंजाब के साथ व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता है, और अन्य राज्य हिमाचल की वाहनों पर जवाबी टैक्स लगा सकते हैं, जिससे अंतरराज्यीय व्यापार प्रभावित होगा। भाजपा ने कहा कि यदि सरकार जनता की चिंताओं का समाधान नहीं करती है, तो पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक इस मुद्दे पर आंदोलन और तेज करेगी।

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