पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रामपुर–खनेरी स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल नर्सिंग संस्थान एवं अस्पताल में नर्सिंग छात्राओं में टीबी संक्रमण के मामलों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस स्थिति को “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए इसे सरकार की विफलता करार दिया।
शिमला से जारी बयान में ठाकुर ने कहा कि संस्थान में पढ़ रही 90 छात्राओं में से 19 के टीबी से संक्रमित होने की खबर गंभीर चिंता का विषय है। एक ही परिसर में इतनी बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले सामने आने के बावजूद सरकार द्वारा प्रभावी कदम न उठाया जाना लापरवाही को दर्शाता है।
उन्होंने छात्राओं के परिजनों द्वारा चिकित्सा अधीक्षक को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि यह मामला न केवल राज्य सरकार की उदासीनता उजागर करता है, बल्कि केंद्र सरकार के टीबी उन्मूलन अभियान को भी कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार टीबी के खिलाफ व्यापक स्तर पर संसाधन, दवाइयां और बजट उपलब्ध करवा रही है, लेकिन राज्य स्तर पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
जयराम ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि कई छात्राओं का इलाज एमडीआर-टीबी (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट टीबी) के तहत चल रहा है, जो इस बात का संकेत है कि शुरुआती स्तर पर उचित उपचार नहीं दिया गया। उन्होंने इसे एक मेडिकल संस्थान के लिए बेहद चिंताजनक बताया।
उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि ऐसी भी शिकायतें सामने आई हैं कि छात्राओं को उचित इलाज देने के बजाय झाड़फूंक जैसी सलाह दी जा रही है। उन्होंने इसे सरकार के “विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं” के दावों के विपरीत बताया और प्रदेश को 2026 तक टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य पर भी सवाल उठाए।
ठाकुर ने छात्रावास और मेस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, जिसमें परिजनों ने पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन की कमी की शिकायत की है। उन्होंने इसे पूरे तंत्र के लिए शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच के आदेश देने की मांग की।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि संक्रमण को रोकने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं और प्रभावित छात्राओं को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए, साथ ही परिजनों की सभी शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जाए।



