बज रहे है, बजने लगे हैं भोंपू
चुनाव के इस दंगल में,,,,!
रंग बिरंगे परचम पोस्टर
उठाये बेकार हाथों ने
जोर जोर से लगाते नारे
घूमते गली कूचे बाजारों में !
बज रहे हैं, बजने लगे हैं भोंपू
चुनाव के इस दंगल में,,,,!
खिल उठे हैं चेहरे,
काम मिला है,
आया चुनाव
खुशी खिली है मौसम में,,,, !
बज रहे हैं, बजने लगे हैं भोंपू
चुनाव के इस दंगल में,,,,!
भारी भरकम मोटे ताजे
झोटे भिड़ेंगे, भिड़ते रहेगे,,,,
भेड़ू बकरू मुर्गे उड़ेंगे,
बे मौत बेचारे खूब मारेंगे
इस चुनाव के इस मौसम में,,,, !
बज रहे हैं, बजने लगे हैं भोंपू
चुनाव के इस दंगल में,,,,!
वोट की खातिर कारगुजरी
झूठे वादे नोट उड़ेंगे,,,,,
रूके अटके जुगाड़ बनेंगें
जोड़ तोड़ खूब चलेंगे ,,,,
इस चुनाव के इस दंगल में,,,, !
बज रहे हैं, बजने लगे है भोंपू
चुनाव के इस दंगल में,,,, !
नई सुर्खियाँ कुछ अखबारों में
कुछ चिपकाई जाएंगी, दीवारों में
टीका टिप्पणियां और वादे भी,,,,!
खूब छपेंगे और रचेंगे भी
चटकीले छैल छबीले रंगों में,,,,!
बज रहे हैं, बजने लगे हैं भोंपू,,,,,
चुनाव के इस दंगल में,,,, !
जागो उठो वक्त आया है
वरना फिर ठगे जाओगे
चाटुकारी वाली बातों से
यकीन नहीं, नहीं बच पाओगे
इनकी लीपा पोती से,,,, !
बज रहे हैं, बजने लगे हैं भोंपू
चुनाव के इस दंगल में,,,,!




