अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के तीसरे दिन ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में ‘श्यामला मंथन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों के 24 विद्यार्थियों ने हिंदी एवं अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त एवं अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने की। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्कूली शिक्षा के साथ-साथ साहित्य, विशेषकर भारतीय संस्कृति और विरासत से जुड़े साहित्य का अध्ययन भी आवश्यक है। इससे युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहती है और विरासत के संरक्षण में योगदान देती है।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ‘श्यामला मंथन’ का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर साहित्य और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा एक सशक्त समाज का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों के भाषणों की वीडियो उपायुक्त शिमला के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर अपलोड की जाएगी।
हिंदी भाषण प्रतियोगिता में आई.वी.वाय. इंटरनेशनल स्कूल की पूर्णिमा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र और 51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फागली की अक्षिता द्वितीय तथा डी.ए.वी. लक्कड़ बाजार की भूमिका शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। उन्हें क्रमशः 31 हजार और 21 हजार रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा पलक जस्टा और खुशबू को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 5-5 हजार रुपये प्रदान किए गए।
अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फागली की पायल ठाकुर ने प्रथम स्थान हासिल किया। मोनाल पब्लिक स्कूल की आरिका द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला के दिव्यांश तृतीय स्थान पर रहे। विजेताओं को क्रमशः 51 हजार, 31 हजार और 21 हजार रुपये की राशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं काव्या धाजन और ऐतिष शर्मा को सांत्वना पुरस्कार स्वरूप 5-5 हजार रुपये दिए गए।
उपायुक्त ने घोषणा की कि आगामी वर्ष से पुरस्कार राशि में वृद्धि की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यालय इस प्रतियोगिता से जुड़ सकें। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी अन्य प्रतिभागियों को भी प्रशस्ति पत्र और 3,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में पूर्व निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क आरती गुप्ता, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह तथा यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज की सहायक प्राध्यापक डॉ. सीमा कश्यप उपस्थित रहीं।



