पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की बिगड़ती स्थिति को लेकर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राज्य की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर संकट में है।
उन्होंने कुल्लू जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला की दुखद मृत्यु का उल्लेख करते हुए अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। साथ ही शिमला के IGMC अस्पताल की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां आपातकालीन सेवाओं में लिफ्ट तक खराब पड़ी है, जिसके कारण मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ रहा है, जो अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुल्लू, सोलन और अन्य जिलों में इलाज में लापरवाही के कारण लगातार मरीजों की जानें जा रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में भी अव्यवस्था बनी हुई है और डॉक्टरों की कमी के चलते गंभीर मरीजों को तुरंत रेफर कर दिया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पिछले चार वर्षों से रोगी कल्याण समिति की बैठक नहीं हुई है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने अब तक वहां जाकर स्थिति की समीक्षा नहीं की है। इसके अलावा शिमला के चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पंचकुला में सुना ‘मन की बात’, प्रधानमंत्री के स्वदेशी प्रयासों की सराहना
हरियाणा के पंचकुला में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ सुनने के बाद जयराम ठाकुर ने देश की स्वदेशी तकनीक और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की सराहना की।
उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल तीन स्वदेशी युद्धपोतों और भारत में निर्मित पहले सी-295 सैन्य विमान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की बढ़ती रक्षा क्षमता का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री मोदी को अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर दी बधाई
जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च पर्यावरणीय सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित किया है, जो दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुका है। यह सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और ‘विकसित एवं हरित भारत’ के संकल्प को और मजबूत करता है।



