लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने देवठी (शिलाघुंड) में ग्रहणेश्वर मेला कमेटी द्वारा आयोजित रिहाली मेले के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले ये पारंपरिक मेले हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। स्थानीय लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और देवता कमेटियों के उत्साहपूर्ण सहयोग से सजने वाले ये आयोजन हमारी लोक परंपराओं को सहेजने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुँचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशासनिक सरलीकरण और 130 करोड़ का सड़क नेटवर्क क्षेत्र की प्रशासनिक समस्याओं पर चर्चा करते हुए मंत्री ने माना कि विभिन्न विभागों के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर होने से जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री के साथ विशेष चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने चौपाल विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 130 करोड़ रुपये के सड़क बजट का ब्योरा दिया। इसमें बागड़ी लिंक रोड, करगोली नाला-चंबल सड़क, कुठार-कनौरी और बासाधार ज्ञानकोट सड़कों के निर्माण के साथ-साथ छैला-सैंज-नेरी पुल-यशवंत नगर मार्ग के लिए स्वीकृत 239 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
भूमि दानदाताओं को सम्मान और खेल-संस्कृति को प्रोत्साहन दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए विक्रमादित्य सिंह ने ग्रामीणों से सड़क निर्माण के लिए भूमि दान करने का आह्वान किया। उन्होंने एक अनूठी पहल की घोषणा करते हुए कहा कि सड़क निर्माण के लिए 10 बीघा से अधिक भूमि देने वाले दानी सज्जनों के नाम पर ही संबंधित सड़क का नामकरण किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया और पारंपरिक ठोडा दलों को 10-10 हजार रुपये तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले स्कूली बच्चों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
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