जिला एंकॉर्ड समिति की समीक्षा बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर ठोस काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में गैर-जिम्मेदार रहने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य जिले की 19 अति-संवेदनशील (रेड जोन) पंचायतों को सुधारकर येलो जोन में लाना है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर नशे की सप्लाई चेन तोड़ने, निगरानी बढ़ाने और युवाओं को जोड़ने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय से काम किया जाएगा।
युवाओं को नशे से बचाने और उनमें अनुशासन की भावना जगाने के लिए प्रशासन ने एक अनोखी पहल की है। अब सेवानिवृत्त सैनिक और पूर्व सैन्य अधिकारी स्कूलों में जाकर बच्चों को जागरूक करेंगे। उपायुक्त ने बताया कि इच्छुक पूर्व सैनिकों की संपर्क सूची तैयार कर सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भेजी जा रही है, ताकि वे अपने स्तर पर सत्र आयोजित कर सकें। सेना के अपने अनुभवों के दम पर ये पूर्व सैनिक विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, विपरीत परिस्थितियों का सामना करने और नशे से दूर रहने की प्रेरणा देंगे।
नशे के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई की सराहना करते हुए उपायुक्त ने बताया कि अब तक एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत 556 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और करीब 8 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को कुर्क किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कानूनी कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी; इसके लिए शिक्षा विभाग, पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और अभिभावकों को मिलकर काम करना होगा। युवाओं को खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना ही इस लड़ाई की सबसे मजबूत नींव साबित होगा।



