हमीरपुर में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनभावनाओं और अपने कैबिनेट सहयोगियों को दरकिनार कर केवल अपने मित्रों की सलाह पर फैसले ले रहे हैं। इसके कारण आज प्रदेश में सरकार को ‘मंत्रिमंडल’ नहीं बल्कि ‘मित्रमंडल’ चला रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू दिन-रात भाजपा के कथित गुटों को गिनने में लगे रहते हैं, जबकि कांग्रेस के सभी गुट दिल्ली में उनकी ही कुर्सी खिसकाने की रणनीति बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब मंत्री और मुख्यमंत्री एक-दूसरे की शिकायतें लेकर दिल्ली के चक्कर काट रहे हैं। जैसे ही मंत्रियों के दिल्ली पहुंचने की खबर मिलती है, मुख्यमंत्री भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए रात-बिरात दिल्ली दौड़ पड़ते हैं। यदि ये दौरे विकास के लिए होते तो समझ आता, लेकिन वहां केवल सरकार बचाने का खेल चल रहा है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को टालने की हर संभव कोशिश की और चुनाव जीतकर आए जनप्रतिनिधियों का अपमान किया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 11 में से 10 जिला परिषदों, 3 नगर निगमों और कुल मिलाकर लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्रों में भाजपा विचारधारा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। जनता ने कांग्रेस की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से नकार दिया है।
अपनी पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से तुलना करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार ने विकास के नाम पर कोई नया काम करने के बजाय भाजपा शासनकाल में खोले गए 2,500 से अधिक जनहित के संस्थानों को बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के समय 5,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ और पहली ही कैबिनेट बैठक में बुजुर्गों की पेंशन आयु घटाकर 60 वर्ष की गई थी।
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में केवल ₹19,600 करोड़ का कर्ज लिया गया था, जबकि सुक्खू सरकार ने साढ़े तीन वर्षों में ही ₹50,000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त ऋण ले लिया है। इसके चलते राज्य का कुल कर्ज ₹69,600 करोड़ से बढ़कर ₹1,20,000 करोड़ के पार पहुंच गया है। इतने बड़े कर्ज के बावजूद प्रदेश में न तो कोई नया विकास कार्य दिख रहा है और न ही जनता के लिए कोई कल्याणकारी योजना शुरू की गई है।
Rooted in Tradition: Governor Highlights India’s Knowledge Legacy


