हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयासों से नागरिक अस्पताल रोहड़ू दूरदराज क्षेत्रों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र बन चुका है। अब स्थानीय निवासियों को सामान्य इलाज और गंभीर जांचों के लिए शिमला जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र शर्मा के अनुसार, यहाँ 24 घंटे आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह अस्पताल शिमला जिले और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की लगभग 3 लाख की आबादी को सेवाएं दे रहा है। यहाँ प्रतिदिन 800 से 1,000 ओपीडी मरीज आते हैं, जबकि प्रति माह औसतन 100 से अधिक सर्जरी और 110 से अधिक प्रसव सफलतापूर्वक किए जाते हैं।
यहाँ डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन, वेंटिलेटर, ब्लड बैंक और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर मौजूद हैं। बेडसाइड जांच के लिए ₹6 लाख की लागत से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड शुरू किया जा चुका है और ₹28 लाख की पोर्टेबल एक्स-रे मशीन भी जल्द शुरू होने वाली है।
अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए 4-बेड की समर्पित ‘डे-केयर कैंसर यूनिट’ स्वीकृत हो चुकी है, जबकि कीमोथेरेपी पहले से उपलब्ध है। हंस फाउंडेशन के सौजन्य से 6-बेड का निःशुल्क डायलिसिस सेंटर भी चल रहा है, जिसमें एक मशीन एचआईवी व हेपेटाइटिस-बी मरीजों के लिए आरक्षित है।
बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए ₹23 करोड़ की लागत से 50-बेड का ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ बनाया जा रहा है, जिसमें आईसीयू, 2 ऑपरेशन थिएटर और माइक्रोबायोलॉजी लैब शामिल होंगे। इसके अलावा, अगले दो महीनों में 16-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन भी स्थापित कर दी जाएगी।


