लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रविवार को शिमला ग्रामीण के बनूटी में ‘खेल महाकुंभ 2026’ का भव्य शुभारंभ किया। 15 नवंबर तक सुन्नी में चलने वाले इस 20 दिवसीय आयोजन में लगभग 10,000 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। इस बार पारंपरिक खेलों (क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, रस्साकशी) के साथ-साथ पहली बार बॉक्सिंग, लोक नृत्य और मॉडलिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।
मंत्री ने आयोजकों और अंपायरों को सभी मुकाबले पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से करवाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य जीत-हार से परे युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर देना है। किसी भी तरह का पक्षपात या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी।
विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड रखते हुए विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि शिमला ग्रामीण में पिछले 4 वर्षों में ₹600 करोड़ और प्रदेश भर में दोनों विभागों के माध्यम से ₹10,000 करोड़ के विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह के योगदान (₹1,500 करोड़ के कार्य) और डॉ. वाई.एस. परमार व ठाकुर रामलाल की विकासवादी सोच को अपनी प्रेरणा बताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना उनकी शैली है, लेकिन शिमला ग्रामीण के विकास में अड़ंगा लगाने वालों का दृढ़ता से विरोध किया जाएगा। साथ ही, हिमाचल के हितों को केंद्र व राज्य के समक्ष पूरी मजबूती से उठाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
युवाओं के लिए रोजगार और खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए उन्होंने विजेताओं के लिए आकर्षक नकद इनामों की घोषणा की—क्रिकेट विजेता को ₹2 लाख (उपविजेता ₹1 लाख), वॉलीबॉल/कबड्डी/रस्साकशी विजेता को ₹50,000, बैडमिंटन विजेता को ₹15,000 तथा सांस्कृतिक व अन्य स्पर्धाओं के लिए भी विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।


