April 30, 2026

सुक्खू सरकार का नौकरी कटौती का एजेंडा: हिमाचल प्रदेश के लिए आगे क्या?

Date:

Share post:

पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि साल बदलने के साथ भी सुक्खू सरकार के लिए कुछ नहीं बदला है। नए साल में भी सरकार द्वारा लोगों की नौकरियां छीनने का सिलसिला जारी है। समाचारों के माध्यम से पता चल रहा है कि आईजीएमसी से फिर सैकड़ो की संख्या में लोगों को निकालने की पूरी तैयारी हो चुकी है। क्या सरकार पूरे 5 साल सिर्फ लोगों की नौकरियां ही छीनेगी या सरकार के दायित्व के तहत आने वाले जनहितकारी कार्य भी करेगी। सरकार का काम नौकरियां छीनना नहीं नौकरियां देना होता है। लेकिन यह सरकार सिर्फ नौकरियों छीनने के क्षेत्र में ही सबसे बेहतरीन कार्य कर रही है। 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता में आने के पहले कांग्रेस के नेताओं ने भर- भर कर झूठ बोला था, चौक- चौराहों पर खड़े होकर हर साल एक लाख नौकरी और 5 साल में 5 लाख नौकरी देने की गारंटी दी थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद से ही मुख्यमंत्री ने अपनी गारंटियों और सरकार के दायित्वों के विपरीत काम किया। 2 हजार से ज्यादा संस्थान बंद कर दिए, डेढ़ लाख से ज्यादा पदों को समाप्त कर दिया और 15 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकाल दिया। सरकार अपने 2 साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी है इसके बाद भी लोगों को नौकरियों से निकालने का सिलसिला अभी भी जारी है।

ऐसे में प्रदेश के लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या सरकार का पूरा कार्यकाल सिर्फ संस्थानों को बंद करते रहने और लोगों को नौकरियों से निकालते रहने में ही बीत जाएगा या सरकार द्वारा लोगों को नौकरियां देने और जन सुविधा देने का भी कोई कार्य होगा। जिस तरह से वर्तमान में सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर नई नौकरियां देने और नए संस्थानों को खोलने पर रोक लगाई गई है उससे भविष्य में भी हालात बेहतर होते नहीं दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री से आग्रह है वह सरकार के दायित्वों का निर्वहन करें और एक कल्याणकारी राज्य के रूप में कार्य करें। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बिना सोचे समझे फैसला लेती है और एक झटके में सैकड़ो लोगों को नौकरी से बाहर कर देती है। ऐसा फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीनता से पूर्ण है। लोगों की नौकरियां छीनते वक्त सरकार को ऐसे लोगों के द्वारा की गई सेवाओं को भी याद रखना चाहिए। बेहद कम मेहनताने पर काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के परिवार के बारे में भी सोचना चाहिए कि उनका गुजारा कैसे होगा? नौकरियां खत्म होने से कर्मियों द्वारा दी जा रही सेवाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा? लोगों को किस प्रकार से असुविधा का सामना करना पड़ेगा? सरकार अगर लोगों को नया रोजगार नहीं दे पा रही है तो कम से कम मेहरबानी करके जिन्हें पहले से कोई रोजगार मिला हुआ है उनका रोजगार न छीने।

सुक्खू सरकार का नौकरी कटौती का एजेंडा

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

This Day in History

1910 Rise of Borden Government in Canada: Robert Borden assumes office as Prime Minister of Canada after the Conservative...

Today, 29 April, 2026 : International Dance Day

International Dance Day is observed every year on April 29 to celebrate dance as a universal art form...

Himachal Doctor Joins National Dental Council

In a significant development for Himachal Pradesh, Dr Yogesh Bhardwaj, Principal of Government Dental College & Hospital, Shimla,...

HP Explores New Tribal Development Roadmap

A high-level delegation from the Tribal Development Department of Himachal Pradesh undertook a five-day exposure visit to Assam...