नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर बीड बिलिंग में राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल को लेकर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 8 करोड़ की लागत से बना यह संस्थान उद्घाटन के 9 महीने बाद भी बंद पड़ा है, जबकि यह क्षेत्र एशिया में क्रॉस-कंट्री पैराग्लाइडिंग के लिए जाना जाता है।
ठाकुर ने कहा कि यह स्कूल प्रशिक्षण, रोजगार और राजस्व का एक बड़ा स्रोत बन सकता था, लेकिन राज्य सरकार और विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण इसका संचालन ही शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष सैकड़ों युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें लाइसेंस प्राप्त पायलट बनाया जा सकता है।
पूर्व सीएम ने कहा कि भारत में पायलट लाइसेंस जारी करने के लिए कोई अधिकृत निकाय न होने के कारण, हमारे खिलाड़ी अन्य देशों से लाइसेंस प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि हिमाचल सरकार को एयरो क्लब ऑफ इंडिया (ACI) के साथ मिलकर लाइसेंसिंग प्रक्रिया को औपचारिक रूप देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि स्कूल को राष्ट्रीय वायु खेल दिशानिर्देश (NASG 2023) के अनुसार संचालित किया जाए, तो प्रदेश को हर वर्ष करोड़ों का राजस्व मिल सकता है। इससे हजारों युवाओं को रोजगार, पर्यटन को बढ़ावा और प्रदेश की ब्रांडिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी।
जयराम ठाकुर ने सरकार से आग्रह किया कि निजी क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग स्कूल खोलने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इससे हिमाचल प्रदेश एरो स्पोर्ट्स में अग्रणी राज्य बन सकता है और टैंडम फ्लाइट संचालन के सुरक्षा मानकों में भी सुधार होगा।



