बुद्ध पूर्णिमा पर रिज मैदान पर उमंग फाउंडेशन के विशेष रक्तदान शिविर का स्वयं खूनदान कर उद्घाटन करते हुए निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल अतुल कौशिक और पद्मश्री डॉ. उमेश भारती ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। शिविर में 100 लोगों ने रक्तदान किया। कोरोना में लॉकडाउन लगने के बाद उमंग का यह 25वां रक्तदान शिविर था। रक्तदान शिविर के संयोजक और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी के दिव्यांग विद्यार्थियों- सवीना जहां और मुकेश कुमार ने बताया कि शिविर में उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने 94वीं बार रक्तदान किया। मेजर जनरल अतुल कौशिक ने कहा कि रक्तदान जीवनदान देने के साथ ही जाति,भाषा, प्रांत, मजहब और राष्ट्रीयता की दीवारें भी तोड़ता है। उन्होंने उमंग फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों को समाज के लिए प्रेरणा बताया।

दृष्टिबाधित युवा लाभ सिंह एवं अफगानिस्तान के युवा विद्यार्थी मिसबाहुद्दीन भी शामिल थे। अनेक युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया जिसमें छात्राओं की संख्या अधिक थी। मेजर जनरल अतुल कौशिक की पत्नी सिम्मी कौशिक; और पद्मश्री डॉ ओमेश भारती की पत्नी एवं वरिष्ठ पत्रकार अर्चना फुल्ल तथा बेटी कृति ने भी खूनदान कर के मिसाल पेश की। आईजीएमसी ब्लड बैंक की डॉक्टर मेघना के नेतृत्व में आई टीम ने रक्त संग्रह किया।  एक ही परिवार के सदस्यों –  गौतमी, अनीता और सिद्धार्थ लखनपाल ने रक्तदान के बाद कहा कि इससे कोई कमजोरी नहीं आती है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ऋतु वर्मा, मेघा शर्मा, निशा, डिंपला, गीतांजलि, कुमारी नितेश, नैन्सी, ईश्वर लाल, अंकित भावटा आदि ने रक्तदान किया। रक्तदान शिविर के संचालन में उमंग फाउंडेशन की युवा टीम के सदस्यों- विजय सिंह, सतीश तोमर, अंजली गुलेरिया ,कामिनी भगलानिया, मीनाक्षी शाबाब, शिवानी अत्री, अमृता नेगी, सुमन साहनी, साहिबा ठाकुर, मोनिका रोहाल, उषा ठाकुर, मुस्कान नेगी, प्रतिभा ठाकुर, नीलम कंवर, तेजेंद्र कुमार, रोहित दुगलेट, दीक्षा वशिष्ठ, प्रियंका वोहरा, श्वेता ठाकुर और इतिका चौहान शामिल थे।


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