उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में राज्य के शिक्षा क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा को आधुनिक, डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से शिक्षा के स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है, जिसकी सराहना एनईपी की टीम द्वारा भी की गई है।
पठानिया ने बताया कि प्रदेश के लगभग 151 स्कूलों में शुरू किए गए सीबीएसई पाठ्यक्रम के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों के समेकन के बाद खाली भवनों का उपयोग डिजिटल लर्निंग सेंटर, प्री-प्राइमरी कक्षाओं, स्किल डेवलपमेंट लैब, खेल सुविधाओं और सामुदायिक केंद्रों के रूप में किया जा रहा है। समग्र शिक्षा के तहत उपलब्ध धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित कर वास्तविक सुधार लाए जा रहे हैं।
बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य की गई है और डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली को और मजबूत किया गया है। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और कमजोर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे सरकारी स्कूलों का स्तर लगातार सुधर रहा है।
व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देते हुए हिमाचल प्रदेश ने एनसीवीईटी से ‘ड्यूल कैटेगरी’ मान्यता प्राप्त कर देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इसके तहत बागवानी आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे ये सुधार प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं और हिमाचल को देश के अग्रणी शिक्षा राज्यों में शामिल कर रहे हैं।



