पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में उद्योगों के पलायन का दोष कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों और बढ़ते भ्रष्टाचार पर मढ़ा है। विधानसभा सत्र के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू की सरकार निवेश बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के समय जो निवेश अनुकूल माहौल तैयार किया गया था, उसे मौजूदा सरकार ने नष्ट कर दिया। बिजली दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी, जबरन उगाही और प्रशासनिक दबाव के चलते उद्योगपति अब हिमाचल छोड़कर अन्य राज्यों की ओर जा रहे हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों के लिए गंभीर खतरा है।
जयराम ठाकुर ने विधानसभा सत्र के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि जब बीजेपी विधायक एवं पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने उद्योगों के पलायन पर सवाल उठाया, तो उद्योग मंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ही इस पर संतोषजनक जवाब देने में असमर्थ रहे। इससे असंतुष्ट होकर भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और मुख्यमंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में एक भी बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हुआ है। उल्टा, मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क जैसी परियोजनाएं भी संकट में हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में धर्मशाला में आयोजित इंवेस्टर मीट के माध्यम से 703 एमओयू पर 96,721 करोड़ रुपये के निवेश की सहमति बनी थी। इसके तहत दो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में हजारों करोड़ रुपये की सैकड़ों परियोजनाएं शुरू हुईं, जिनमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया था।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान हजारों युवाओं को उद्योगों के माध्यम से रोजगार मिला था, जबकि वर्तमान सरकार की नीतियों ने न केवल निवेशकों को डराया है, बल्कि प्रदेश में बेरोजगारी को भी बढ़ावा दिया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि उनके नेता और उनके परिजन उद्योगपतियों से उगाही में लिप्त हैं, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और भी अधिक खराब हुआ है।