विधानसभा में कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) के मुद्दे पर आज विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का जवाब स्पष्ट करता है कि वे कर्मचारियों को डीए नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों के भरोसे सत्ता हासिल की लेकिन अब उनके साथ अन्याय कर रही है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने 11% से अधिक डीए भुगतान रोक रखा है और यह धनराशि करीब 2000 करोड़ रुपये है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर पूर्व सरकार के दोषी ठहराने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पूर्व सरकार के लंबित वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी की थीं जबकि कांग्रेस सरकार ने 2000 करोड़ से अधिक डीए का भुगतान रोक रखा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में मई से डीए की एक किश्त देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। डीए जारी न करने और मेडिकल बिल भुगतान न करने के लिए भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया।
जयराम ठाकुर ने सरकार से तत्काल डीए जारी करने की मांग की और कहा कि कर्मचारियों के हित के बजाय राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।