शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने रोहड़ू उपमंडल की ग्राम पंचायत धराड़ा के गांव गेओटा में लगभग 90 लाख रुपये की लागत से बने 2 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग का उद्घाटन किया। उन्होंने निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए बताया कि इस मार्ग के बनने से स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी तथा कृषि और बागवानी गतिविधियों को बल मिलेगा। इस अवसर पर उन्होंने जानकारी दी कि जुब्बल-नावर-कोटखाई क्षेत्र में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 203 सड़कों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिसमें पीएमजीएसवाई की 29 और अन्य योजनाओं की 17 सड़कें शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य नए सड़क मार्गों के निर्माण के साथ पुरानी सड़कों को भी चरणबद्ध तरीके से पक्का करना है।
राज्य के वित्तीय हालात पर चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने, पुरानी पेंशन योजना के कारण ऋण सीमा में हुई कटौती, जीएसटी मुआवजे की समाप्ति और प्राकृतिक आपदाओं जैसे कई वित्तीय दबावों के बावजूद प्रदेश में विकास की गति धीमी नहीं पड़ने दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आई सुधार क्रांति का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान से छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर और परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में 18वें से 5वें स्थान पर पहुंच गया है।
अपने दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री ने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शरौंथा में 3.40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे स्कूल भवन का निरीक्षण कर अधिकारियों को इसे अप्रैल 2027 तक उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, विधायक प्राथमिकता के तहत 7.33 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 6.2 किलोमीटर लंबी शरौंथा-कराली-कांगर-कलगौंटीर सड़क के निर्माण में भी तेजी लाने को कहा। ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए उन्होंने गेओटा-खलाई संपर्क सड़क के निर्माण का आश्वासन दिया और पशु चिकित्सालय भवन के प्रस्ताव को आगामी बजट में शामिल करवाने की बात कही।


