जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सुदृढ़ संचालन और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में कार्यरत लगभग 5,500 स्वयं सहायता समूहों के प्रभावी संचालन के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की जाएगी। वर्तमान में जिले में 38 क्लस्टर कार्यरत हैं, लेकिन जिला स्तर की फेडरेशन प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर पा रही है। ऐसे में जिला स्तर की फेडरेशन को मजबूत करने का निर्णय लिया गया, ताकि सभी स्वयं सहायता समूहों को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को घर-द्वार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। उन्होंने कहा कि हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनी हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए नए नवाचारों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ मिल सके। इस दिशा में जिला प्रशासन द्वारा स्वयं सहायता समूहों को जागरूक करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त ने जिला ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन विभिन्न आवासीय योजनाओं के कार्यों को अगले छह माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत लाभार्थियों के लिए बनाए जा रहे आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, बैठक में मातृ शक्ति बीमा योजना के अंतर्गत 10 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई।


