भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण, मकान सूचीकरण और मकानों की गणना, के लिए हिमाचल प्रदेश में चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 27 फरवरी तक डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान, शिमला में चलेगा।
सचिव-सह-नोडल अधिकारी राजेश शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से चयनित 20 मास्टर ट्रेनर और निदेशालय जनगणना कार्य, हिमाचल प्रदेश के छह मास्टर ट्रेनर शामिल हुए।
इस अवसर पर राजेश शर्मा ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला और प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि आंकड़े पूर्ण और त्रुटिरहित संकलित किए जाएँ, क्योंकि अधूरे या गलत आंकड़े विकास योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
निदेशक जनगणना कार्य दीप शिखा शर्मा ने प्रशिक्षण सत्र में जनगणना-2027 के प्रथम चरण की रूपरेखा, उद्देश्य, समयसीमा और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डेटा संग्रहण किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित होगी।
डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान की निदेशक रूपाली ठाकुर ने मास्टर ट्रेनरों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना अप्रैल से सितंबर, 2026 के बीच किसी भी राज्य में किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश में यह कार्य 12 मई से 11 जून, 2026 तक संचालित होगा। स्व-गणना पोर्टल 15 दिन पहले सक्रिय होगा, जिससे नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे और उन्हें स्व-गणना आईडी दी जाएगी।
मास्टर ट्रेनर इसके बाद फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे, जो पर्यवेक्षक और प्रगणकों को तैयार करेंगे। प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल ऐप के माध्यम से हाउस लिस्टिंग और डेटा संग्रहण का कार्य जमीनी स्तर पर संपन्न करेंगे।



