हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
शिमला जिला के धामी क्षेत्र के श्रमिक मुनीश शर्मा को विवाह हेतु बोर्ड की ओर से 51 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि इस सहायता से विवाह से जुड़ा आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने पात्र श्रमिकों से समय पर पंजीकरण करवाकर कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये प्रयास श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ प्रदेश के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में भी सहायक हैं।
श्रम कल्याण अधिकारी (शिमला जोन) श्रेय शर्मा ने जानकारी दी कि शिमला जोन में अब तक 98 लाभार्थियों को कुल 50.84 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका व्यापक लाभ मिल रहा है।
गौरतलब है कि यह बोर्ड 2 मार्च 2009 को गठित किया गया था, जिसका उद्देश्य भवन एवं सन्निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन, मातृत्व सहायता, उपकरण सहायता सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
इन योजनाओं के अंतर्गत भवन निर्माण, सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली परियोजनाएं, संचार नेटवर्क, बांध, सुरंग आदि कार्यों में लगे श्रमिक शामिल होते हैं। पात्र श्रमिक पंजीकरण करवाकर इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक पात्र हैं, जिन्होंने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन कार्य किया हो। वे जिला श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय में अथवा ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम हुई है।



